Sunday, May 8, 2011

शिक्षा पूरी करने के बाद भी नागरिक रैडक्रास जैसी संस्थाओं से जुडे;जगन्नाथ पहाडिया


करनाल,विजय कम्बोज
हरियाणा के महामहिम राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहाडिया ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे रैडक्रास से जुडकर मानवता की सेवा के लिए आगे आयें। उन्होंने कहा कि संसार में त्रासदियों और पीडाओं के बीच रैडक्रास एक ऐसी संस्था है जो सभी के दुखों को दूर करने का प्रसास कर रही है।
राज्यपाल स्थानीय एन.डी.आर.आई.के सभागार में विश्व रैडक्रास दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बोल रहे थे। रैडक्रास दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि आज का दिन मानव मात्र की निस्वार्थ सेवा करने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन से ही सबको जनसेवा के लिए प्रेरित किया जाये और ऐसा सिस्टम बनाया जाये कि शिक्षा पूरी करने के बाद भी नागरिक रैडक्रास जैसी संस्थाओं से जुडे रहें। उन्होंने कहा कि रैडक्रास के संस्थापक सर जीन हेनरी डयूना का उद्देश्य भी बिना किसी भेदभाव के सब पीडितों की सहायता करना था और इसी बात को ध्यान में रखते हुए 1863 में उन्होंने रैडक्रास की स्थापना की थी।
हरियाणा में रैडक्रास द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि रैडक्रास के कामों को ज्यादा विस्तार देने के लिए हर सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशानुसार हैरिस जैसे कार्यक्रम बन्द हो जाने से रैडक्रास के कोष में कमी आई है। लेकिन इसके लिए राज्य सरकार को वित्त व्यवस्था के उपाय करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सब नागरिकों को मानव सेवा के इस यज्ञ में थोडा-थोडा अंशदान करना चाहिए। ऐसा होने पर ही इस साल का रैडक्रास दिवस सन्देश -अपने अन्दर स्वयं सेवक की तलाश सार्थक होगा।
उन्होंने खुशी व्यक्त की कि रैडक्रास समिति यमुनानगर को नि:शक्तों के नियोक्ता के रूप में व उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार-2009 से और वहां के सचिव को वर्ष 2010-11 के स्टेट अवार्ड से स मानित किया गया है। उन्होंनें हर्ष प्रकट किया कि जिला रैडक्रास सोसायटी सिरसा ने 81 हजार 625 यूनिट रक्त एकत्रित कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने रैडक्रास की रक्तदान सेवा ,स्वास्थ्य सेवाओं ,सामाजिक सुरक्षा के लिए कामकाजी महिला आवास ,एबुलैस सेवा,प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण इत्यादि कार्यक्रमों की सराहना की।
इससे पहले राज्यपाल ने रैडक्रास का झण्डा फहराया और रैडक्रास द्वारा लगाई गई राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया । उन्होंने इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर का शुभार भ किया और रैडक्रास के जन्मदाता जीन हेनरी डयूना की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। राज्यपाल ने आज के समारोह में करनाल जिला के 10 ऐसे व्यक्तियों को स मानित किया जिन्होंने रक्त एकत्र करवाने में सराहनीय कार्य किया था। इनमें राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. राधेश्याम शर्मा, राजकीय महिला कालेज के प्राचार्य डा. महाबीर नैन,दयाल सिहं कालेज के उप प्राचार्य डा. एस.सी.जैन,गुरू नानक खालसा कालेज करनाल के प्राचार्य डा. एस.के.गोयल,राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के प्राचार्य एम.एस.सहरावत, आईटीआई के प्राचार्य एम.एस. सांगवान,सन्त निरंकारी मण्डल करनाल के प्रमुख मोहन लाल व इन्द्री मण्डल के प्रमुख के अतिरिक्त सिविल सर्जन डा. वंदना भाटिया तथा जिला रैडक्रास सोसायटी के सचिव सुनील कृमार शामिल थे।
कार्यक्रम में हरियाणा रैडक्रास के मानद सचिव डा. जी.पी.तनेजा ने हरियाणा रैडक्रास की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने सभी से यह अनुरोध भी किया कि रैडक्रास के चिह्न का दुरूपयोग न करें। इसका उपयोग केवल रैडक्रास द्वारा ही किया जा सकता है। करनाल की उपायुक्त एवं जिला रैडक्रास समिति की अध्यक्ष श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी ने मु य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा जिला रैडक्रास सोसायटी की गतिविधियों एव उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने रैडक्रास के संस्थापक सर हेनरी डयूना के जीवन पर भी प्रकाश डालते हुए उन्हे मानवता और सेवा को समर्पित दुनियां का महान व्यक्ति बताया। अतिरिक्त उपायुक्त एम.के.पाण्डुरग ने सबका धन्यवाद किया। इस अवसर पर लेडी गर्वनर श्रीमती शान्ति पहाडिया,राज्यपाल के सचिव महेन्द्र कुमार,पुलिस अधीक्षक राकेश आर्य,जिला परिषद अध्यक्ष अंग्रेज सिहं धूमसी सहित अनेक समाज सेवी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

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