असंध दीपक पांचाल
हरियाणा किसान सभा के महासचिव सतपाल बैनीवाल ने राज्य में किसानों की जोत कम होने के कारण मजदुरों की संख्या में बेताहशा हो रही वृद्धि पर चिन्ता प्रकट करते हुये कहा कि राज्य व केन्द्र सरकार इस समस्या की अनदेखी कर रही है। जिसका परिणाम आने वाले एक दशक में भयंकर होगा। बैनीवाल ने कहा कि डायरैक्टर लैंड हरियाणा पंचकुला द्वारा आरटीआई के तहत सुचना 31 मार्च 2006 को हरियाणा में किसानों की जोत का विवरण इस प्रकार है। एक किसान के नाम जो जमीन में अकेला मालिक है उनकी संख्या 5 लाख 38 हजार 955 थी। इक_ी खेवट वाले परिवारों की संख्या 10 लाख 45 हजार 149 थी। इन दोनो श्रेणी के किसान परिवारों की कुल संख्या 15 लाख 84 हजार 104 हरियाणा सरकार के अनुसार थी। उपरोक्त दोनों किस्म के किसानों के पास कुल जोत भूमि 86 लाख 18 हजार 631 एकड़ सरकारी रिकार्ड के मुताबिक थी। अब भूमिहीन होते किसान जिनके पास दोनों श्रेणी एक मालिक या दो तीन मालिक इनकी संख्या भूमि जो इनके नाम है। एकड़ में हिसाब चार लाख 73 हजार सात 753 परिवारों के पास 3लाख 26 हजार 939 एकड़ जमीन थी जो दो कनाल से लेकर एक एकड़ तक है। अब एक एकड़ से अढ़ाई एकड़ किसानों की संख्या दो लाख 82 हजार 75 है। जिनके पास 5 लाख 30 हजार 424 एकड़ जमीन जोत वाली है। ढ़ाई एकड़ से पांच एकड़ तक किसान परिवार जो 2006 में थे 3 लाख 8हजार 692 इनके पास जमीन 11लाख 9हजार 725 एकड़ अब राज्य में किसानों की खुशहाली या बदहाली यह इसी तस्वीर से साफ हो गई है। राज्य में टोटल कुल परिवारों की संख्या 15लाख 84हजार 104 है। जिनके पास दो कनाल से 5एकड़ तक भूमि है। उनकी संख्या 10 लाख 65 हजार 196 परिवार,रकबा 19 लाख 68 हजार 788 एकड़ तस्वीर साफ है। कि ढ़ाई एकड़ तक के किसान परिवार का प्रतिशत 47.75 है जिन्हें सरकार दवारा बीपीएल परिवार घोषित करने चाहिये। ढ़ाई एकड़ से पांच एकड़ किसान परिवारों की संख्या 19.48 प्रतिशत बनती है जमीन 22.07 प्रतिशत पर जो इनके नाम थी 27 लाख 70 हजार 66 एकड़ पानी गरीब किसान 47.75 प्रतिशत है। ढ़ाई एकड़ से 5 एकड़ वाले 19.48 प्रतिशत पांचच एकड़ से 15 एकड़ वाले 22.07 प्रतिशत परिवार बने। यानी किसान परिवार में से 89.3 प्रतिशत किसानों की बजाय 10.70 प्रतिशत किसान परिवार जो 38 लाख 80 हजार 382 एकड़ जमीन पर कब्जा किये हुये है कुल जमीन के 45.02 भाग के मालिक है क्या सरपलस कानून के तहत गरीब किसानों को अलाट करके गरीबी से बचाया नहीं जा सकता। ये 10.70 प्रतिशत वे जमीदार है जो हरियाणा में किसानाकें का नाम लेकर राजनीति करते है। जिन की तरफ कानून की नजर नहीं हो सकती। बैनीवाल ने बताया कि 7991 परिवारों के पास 542071 एकड़ जमीन थी जो 50 एकड़ से 200 एकड़ जमीन तक जमीदार परिवार है हरियाणा में दुसरी चौकानें वाली बात यह है कि एक एकड़ से हजारों एकड़ जमीन जो 3 लाख 49 हजार 618 एकड़ भूमि 19 हजार 163 संस्थाओं या धार्मिक स्थलों के नाम है। वे धार्मिक स्थल व संस्थायें जिनके पास 15 एकड़ से ज्यादा भूमि है,उनकी संख्या 5633 जमीन 3 जाख 6 हजार 620 एकड़ जमीन के मालिक है
उन्होंने बताया कि उपरोक्त आकड़े 2005-2006 के हैं। बाद के पांच सालों में हजारों किसान भूमिहीन हो गये। इसका सीधा सा मतलब है कि करीब 68 प्रतिशत परिवारों के पास ना सरकारी नौकरी ना जमीन और ना ही बीपीएल की सुविधा है। गरीब भुखमरी के मोह में मूंह में समाता जा रहा है उन्होंने हरियाणा किसान सभा की तरफ से सरकार से किसानों की दशा सुधारने के लिये पुख्ता कदम उठाने की मांग की है।
No comments:
Post a Comment