करनाल विजय काम्बोज
सरकारी दफ्तरों की कार्य शैली में सुधार लाने तथा अधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से, सरकार द्वारा केसो को निर्धारित समय में निपटाने, मैनडेटरी स्तर पर ही आवेदक से हल्फिया ब्यान लेने तथा अनावश्यक अविलम्ब की प्रथा को समाप्त करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी से आज स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित मासिक बैठक में इन निर्णयों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि स्टेट लिटीगेशन पोलिसी बनाई गई है। इसका उद्देश्य मुकद्दमे विशेषकर सर्विस मैटर तथा राजस्व के मामलों की संख्या घटानी है। अधिकारी ऐसे मामलों का ठीक से अध्ययन कर उनको निपटाने की कोशिश करें। सभी दफतरों में अधिकारियों की कमेटी बनी है। बिना कारण आवेदकों को कोर्ट में जाने की सलाह न दें। राजस्व मामलों को लम्बित न रखे, इनके लिए अच्छी डिस्पोजल करें। केवल नियमानुसार अनिवार्य समझे जाने पर ही हल्फिया ब्यान ले। उन्होंने नागरिक सेवाओं का भी अधिकारियों के समक्ष खुलकर खुलासा किया और बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए जारी किए जाने वाले जाति एवं रिहायशी प्रमाण-पत्र, ड्राईविंग लाईसैंस एवं वाहनों की रजिस्टे्रशन, इंतकाल व रजिस्ट्री तथा बिजली के घरेलु व गैर घरेलु कनैक्षनों को जारी करने के लिए समय निर्धारित किए गए है। नये बिजली कनैक्षन के लिए 30 दिन की अवधि फिक्स है। पांच दिन में लर्निंग ड्राईविंग लाईसैंस तथा इतनी ही अवधि में डोमीसाईल इत्यादि सम्बन्धित विभाग जारी करेगा। इसी प्रकार राशन कार्ड भी निश्चित अवधि में जारी किए जा सकेगें और राशन कार्ड से सम्बन्धित त्रुटिया डिपो होल्डर के लैवल पर ही निपटाई जा सकेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना में बी.पी.एल परिवारों के एनरोलमैंट कम है, उसे बढ़ाने के लिए निदेशालय से और समय अवधि की मांग करें। सभी विभागाध्यक्ष जिन्होंने अपने-अपने कार्यालयों की गतिविधियों की एक्षन प्लान बना कर उपायुक्त कार्यालय में नहीं भेज है ,उसे शीघ्रतिशीघ्र भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सरकार की एक नई स्कीम हर समाधान के तहत आवेदकों द्वारा अपनी समस्या उपायुक्त को आनलाईन भेजी जा सकती है। सभी विभाग अपने कार्यालयों में ऐसी समस्याओं के लिए एकाऊंट खोलेगे, जिसका यूजर नेम व पासवर्ड मुख्यालय से प्राप्त करेंगेे और उसका कनैक्षन उपायुक्त कार्यालय में दर्ज करवाऐगे। शिकायतों व उचित कार्यवाही के बाद उसका लेखा जोखा डी.आई.ओ के पास देना होगा।
बैठक में वानिकी की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से कहा कि उन्हें पौधारोपण के लक्ष्य दे दिए गए है, शत प्रतिशत पूरा करने के प्रयास करें। वन मण्डल अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष में जिला मेंं 23 लाख पौधे लगाए जाऐंगे इसमें से 17 लाख पौधे निशुल्क बांटे जा रहे हैं। सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए कि यदि बाढ़ जैसी स्थिति बन जाए तो उससे प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधाए देने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर रखे। सिविल सर्जन ने बैठक में बताया कि जिला के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में मलेरिया उपचार की निशुल्क दवाईया व स्लाईड उपलब्ध है। बारिश के मौसम में सांप काटने की घटनाएं भी हो जाती है, इसके ईलाज के लिए भी सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में वैक्सीन उपलब्ध है।
उपायुक्त ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांग्रेस घास के उन्मूलन के लिए एक ठोस कार्यक्रम बना कर इसे नष्ट करवाए। एन.सी.सी व एन.एस.एस के बच्चों का सहयोग लिया जा सकता है। बैठक में महिला एवं बाल विकास की कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि उनके विभाग की चाईल्ड वैल्फेयर कमेटी बनाई गई है। कोई भी निराश्रित या बेसहारा बच्चा यदि कमेटी के नोटिस में लाया जाएगा तो उसे आश्रय दिया जाएगा।
उपायुक्त ने बैठक में एच.सी.एस स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित रूटों पर प्राईवेट बसों की सेवांए चैक करे और ओवर लोडिड वाहनों पर भी शिकंजा कसे। अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान स्कूलों में शौचालय इत्यादि की सुविधाए भी चैक करें।


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