करनाल सुरेश अनेजा
समाज के समग्र विकास के लिए देश के हर नागरिक के लिए साक्षर होना अति आवश्यक है। जिन विदेशी मुल्कों ने तरक्की की है उनमें प्रौढ शिक्षा का अहम योगदान रहा है। इस बात को समझते हुए भारत सरकार ने देश में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन शुरू किया है ताकि शिक्षा से वंचित रहे 15 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को साक्षर किया जा सके। इस अभियान में देश की 6 करोड़ महिलाओं सहित 7 करोड़ नए लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह जानकारी राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण के महानिदेशक एवं शिक्षा विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव जगमोहन सिंह राजू ने आज स्थानीय कर्ण लेक पर राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण एंव राज्य साक्षरता मिशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर अपने सम्बोधन में दी। उन्होंने बताया कि भारत साक्षरता मिशन कार्यक्रम देश के उन 373 जिलों में चलाया जायेगा, जहां महिला साक्षरता दर 50 प्रतिशत से कम है। इस अभियान में देश की 6 करोड़ महिलाओं सहित 7 करोड़ नए लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा लगभग एक करोड़ 4 लाख लोगों को रोजगारपरक प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।
राज्य स्तरीय कार्यशाला में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण के महानिदेशक श्री राजू ने हरियाणा प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय साक्षरता मिशन कार्यक्रम की समीक्षा की और अधिकारियों को इस मिशन के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि पहले आप लोग भारत साक्षर कार्यक्रम के उददेश्य, सिद्धांत व फिलोस्पी को समझकर कार्य करेंगे तो इसके परिणाम ज्यादा लाभदायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल पढ़ाना-लिखना, अक्षर ज्ञान व अंक ज्ञान कराने से केवल प्रौढ शिक्षा का लक्ष्य पूरा नहीं होता बल्कि इससे आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में काफी ज्ञान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साक्षरता मिशन कार्यक्रम के तहत लक्षित व्यक्तियों की आवश्यकताओं को पहले समझे, फिर उन्हें की आवश्यकता अनुसार ही शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बढ़ी हुई महिला साक्षरता दर हमारे सभी सामाजिक विकास कार्यक्रमों की ताकत को कई गुणा बढ़ा देती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को साक्षर करने पर ध्यान दिया जाए।
इस कार्यशाला के बाद श्री जगमोहन सिंह राजू ने स्थानीय दयालसिंह कालेज के सभागार में जिला के पंचायती राज संस्थाओं के जन-प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया और भारत साक्षरता मिशन कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपील की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से उन भाई-बहनों को साक्षर बनाकर ऋण उतारने का मौका मिला हैं, जो आपके कारण व अन्य किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गये थे।
कार्यशाला में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा के महानिदेशक श्री विजेन्द्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और कहा कि आगामी एक महीने के दौरान प्रदेश में इस मिशन के आधारभूत ढांचे को तैयार किया जायेगा और इसके क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 5 जिले हिसार, कैथल, फतेहाबाद, जींद व करनाल में भारत साक्षरता मिशन का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक सतबीर सैनी ने राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के तहत राज्य में चल रहे साक्षर भारत कार्यक्रम की उपलब्धियों एवं गतिविधियों की प्रोजेक्ट के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी और कहा कि इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए किसी अधिकारियों को कोई दिक्कत आती है तो वे राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के कार्यालय से जानकारी ले सकते है।
कार्यशाला में राज्य संसाधन केन्द्र हरियाणा के निदेशक प्रमोद गौरी ने राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण के उददेश्य, कार्यक्रम की मूलभावना, लक्ष्य, लक्षित समूह, साक्षरता कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता व बेहतर स्तर की साक्षरता तथा प्रौढ शिक्षा के जरिए पूर्ण साक्षर समाज की स्थापना की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण महिलाएं, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्प संख्यक तथा अन्य अपेक्षित तबके के समूह को प्राथमिकता के आधार पर साक्षर किया जाना है। उन्होंने साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साक्षरता एक व्यक्ति के आत्म-सम्मान में बढोतरी करने, सशक्त बनाने, आगे पढऩे के लिए नींव के तौर पर, प्रोद्यौगिकी तक पहुंचाने तथा बेहतर आजीविका के लिए तथा अन्य अवसरों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि देश व प्रदेश में चलाये गये पिछले शिक्षा कार्यक्रम चरणबद्ध होते थे जबकि भारत साक्षर मिशन को एकीकृत कार्यक्रम बनाया गया है और इसके लिए स्थायी ढांचा तैयार किया जा रहा है तथा इसमें त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को इसके क्रियान्वयन के लिए शामिल किया गया है।
इस अवसर पर करनाल की उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी, करनाल के अतिरिक्त उपायुक्त एम.के. पांडुरंग सहित हिसार, कैथल, फतेहाबाद व जींद जिला के अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परिषद कैथल के चेयरमैन नाजर सिंह, हिसार के चेयरमैन राजेन्द्र सूरा व जींद की चेयरमैन वीना रानी, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक गिरधारी लाल सिंगला, नंद किशोर वर्मा, राजकुमार आर्य, सहायक परियोजना प्रबंधक दिनेश, विरेन्द्र कुमार, सोनिया व एम.एल. अरोड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल सरिता भंडारी, करनाल के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सी.एस.दलाल, करनाल के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व डी.आर.डी.ए. के पी.ओ. सी.आर. दलाल व ए.पी.ओ. नरेश कुमार, प्रवीन कुमार उपस्थित थे।
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