Thursday, July 7, 2011

62 गांवों में की गई ग्रामीण बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना

यमुनानगर, (कुलदीप सैनी)
 बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सोमनदी,पथराला नदी एवं यमुनानदी के किनारे बसे 62 गांवों में ग्रामीण बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना स्कूलों में की है ताकि ग्रामीणों की रक्षा की जा सकें और बाढ के दौरान उन्हें राहत एवं बचाव सामग्री समय पर पहुंचाई जा सकें। इन ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्षों के इन्चार्ज स्कूल के मुखियों या वरिष्ठ अध्यापकों को बनाया गया है तथा ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्षों की कार्यप्रणाली पर तीखी नजर रखने के लिए उच्च अधिकारियों की नियुक्ति सुपरवाईजरों के रूप में की गई है। ये ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्ष आगामी 15 अक्तूबर तक कार्य करेगें।
जिला उपायुक्त अशोक सांगवान ने बताया कि सबसे ज्यादा 32 ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्ष विकास खंड छछरौली में बनाए गये हैं। ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्षों की स्थापना छछरौली खंड में गांव शाहपुर,बलौली, बरोली माजरा, बुढी, चिंतपुर, चूहडपुर खुर्द, डमोली, दौलतपुर, फतेहपुर, गौराबनी, हडोली, खानपुरा, खानपुरी, खानूवाला, खिंलावाला, ललहाडी कलां, लेदा खादर, लोप्यो, मोहीदीनपुर, मलिकपुर बांगर, मुकारमपुर, नाहर-ताहरपुर, पंजेटो, रायपुर, राजपुर,रूकाली, सलेमपुर खादर, शेखपुर,ताहरपुर कलां, उर्जनी व याकूबपुर में की गई। उन्होंने बताया कि बिलासपुर विकास खंड के 12 गांवों के स्कूलों में ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई है जिनमें गांव अजीजपुर कलां, बजौली, भमनौली, बिलासपुर, हैबतपुर खेडा, ककडौनी, मानकपुर, मारवां खुर्द, मुजाफत, नगली-32, पैंशल व रसूलपुर शामिल है।
उन्होंने बताया कि जगाधरी विकास खंड के 7 गांवों में जिसमें गांव बाकरपुर, कैत, कलानौर, लापरा, मण्डी, औदरी व टापू कमाल पुर शामिल है में भी ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि रादौर विकास खंड के 9 गांवो बागवाली, गुमथला, जठलाना, लाल छप्पर, माडल टाऊन करेडा, नकुंभ, पोबारी, संधाला व उन्हेडी में ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्ष बनाए गये हैं। उन्होंने बताया कि मुस्तफाबाद विकास खंड के 2 गांवों कलावड व तलाकौर में भी बाढ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई है। इन ग्रामीण बाढ नियंत्रण कक्षों में नियत्र्ंाण कक्ष का बैनर, प्राथमिक चिक्तिसा बाक्स, हैलोजन की गोलियां, मोमबत्तियां, टार्च, माचिसों व रसियोंं की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है तथा नियंत्रण कक्ष प्रभारी की मांग पर जिला प्रशासन द्वारा लाईफ जैकेटों की व्यवस्था भी की जाएगी।
श्री संागवन ने बताया कि जिला के उतरी छोर के पहाडी क्षेत्रों के कैचमैंट एरिया में तथा पडोसी उतरी राज्यों हिमाचल प्रदेश व उतराखंड में भारी बरसात होने से नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्घि हो जाने पर इसकी सूचना तुरन्त जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए एक सूचना तंत्र योजना बनाई गई है और किसी भी क्षेत्र में जल भराव या बाढ जैसी स्थिति की सूचना सरपंचों, नम्बरदारों व चौकीदारों के माध्यम से पटवारी व ग्राम सचिव को पहुंचेगी। पटवारी व ग्राम सचिव सूचना तुरन्त तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों/संबंधित खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को देगें। यह अधिकारी इसकी सूचना बिना किसी देरी के संबंधित उपमंडलाधीश को देगें और उपमंडलाधीशों से यह सूचना तुरन्त जिला राजस्व अधिकारी व उन्हें पहुंचेगी।


8जुलाई को आयोजित होगी जिला निगरानी एवं सतर्कता कमेटी की बैठक
यमुनानगर, (कुलदीप सैनी)
  केन्द्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्नमूलन मंत्री कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में 8जुलाई को जिला सचिवालय के सभाकक्ष में जिला निगरानी एवं सतर्कता कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा तथा केन्द्रीय मंत्री द्वारा विकास कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।
यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त एवं डीआरडीए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी गीता भारती ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री जिला निगरानी एवं सतर्कता कमेटी में जिला में एमपी लैड योजना के तहत विभिन्न विभागों में करवाए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगी ताकि चल रहे विकास कार्यों में गतिशीलता एवं पारदर्शिता लाई जाए। शहर की कालोनियों में लोगों के पीने के पानी, ग्रामीण पेयजल व्यवस्था तथा पशुओं के लिए पेयजल के लिए की गई व्यवस्था को ओर चुस्त दुरूत बनाया जाए इस दिशा में प्रशासन द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं, की भी समीक्षा की जाएगी ताकि बरसात के मौसम में जल जनित रोग न फैलने पाएं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि केन्द्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्नमूलन मंत्री कुमारी सैलजा जिला निगरानी एवं सतर्कता समिति की बैठक में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती सुधार योजना के तहत गरीब परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट देने तथा शहरी क्षेत्रों में गरीबों के लिए घर बनाने की समेकित शहरी आवास योजना की भी विस्तार से समीक्षा करेंगी ताकि इन योजनाओं के सही ढंग से क्रियान्वयन हेतु पारदर्शिता लाई जा सके।


चोरी का आरोपी गिरफतार,रिमांड पर
यमुनानगर (कुलदीप सैनी)
सीआईए यमुनानगर ने मोबाइल व पैसे छीनने के जुर्म में सुन्दर लाल पुत्र चन्द्रभान जाति ब्रह्माण वासी ईशोपुर थाना कैराना जिला मुज्जफरनगर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दोषी को अदालत में पेश करके पुलिस रिमाण्ड पर लिया ताकि दोषी से लूटा गया सामान बरामद किया जा सकें और बाकी दोषियों बारे जानकारी प्राप्त करके गिरफ्तार किया जा सकें।
जिला पुलिस प्रवक्ता जगबीर ने बताया कि पुलिस ने नालागढ की माजरी से मकान से सामान चोरी करने के जुर्म में दोषी बलदेव राज पुत्र रामचन्द्र जाति हरिजन, वासी परवालो व सुनील कुमार पुत्र ऋषि पाल जाति बनिया वासी फतेहपुर थाना बुडिया को गिरफ्तार किया गया है। दोषियों को अदालत में पेश करके पुलिस रिमाण्ड पर लिया ताकि चोरी किया गया सामान बरामद किया जा सकें।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा पुलिस ने पशु तस्करी करने के आरोप में दोषी वारिश पुत्र पीरू जाति मुसलमान वासी भुदेरी राजपुतान थाना बहादराबाद हरिद्वार व अकरम पुत्र नानू जाति मुसलमान वासी एकता विहार कालोनी मुज्जफरनगर(युपी)को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने हमीदा के एरिया से लडकी को शादी करने की नीयत से भगाकर उसके साथ बुरा काम करने के आरोप में दोषी रामकुमार उर्फ काला पुत्र अमरनाथ जाति पंडित वासी गढडा कालोनी हमीदा व रीना रानी पुत्री राज को गिरफ्तार कर लिया।


पर्यावरण मंत्रालय से क्लीयरंस लिए बिना नहीं किया जाएगा खनन कार्य
यमुनानगर (कुलदीप सैनी)
 पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय के बाद एक फिर खनन का कार्य निकट भविष्य आरंभ होने की संभावना नहीं है जिसके चलते करोडो रूपये खनन ठेको की नीलामी में लगाने वाले लोगो को भी भारी झटका लगा है और जनता की आस भी एक बार फिर टूट गई है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले करीब दो वर्षो से खनन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस दौरान कई बार खनन का कार्य आरंभ होने की संभावना चलती रही ओर इसी के चलते पहले भी खनन के कार्यो की नीलामी हेतू तैयारी की गई लेकिन न्यायालय द्वारा कोई राहत नहीं मिली। अब फिर 17 जून को 37 लघु खानो की नीलामी की गई जिसमें करोडो रूपये ठेका लेने वाले लोगों ने खनन विभाग के पास जमा करवायें। लम्बे समय से खनन का कार्य बंद होने के बाद हुई इस नीलामी में लोगों ने भारी दिलचस्पी ली और निर्धारित राशि से कई गुणा ज्यादा की नीलामी हुई। इस नीलामी के बाद ठेका लेने वाले लोगो को आस थी कि खनन का कार्य शीघ्र आरंभ हो जाएगा और इसी कारण कई लोगों ने ब्याज पर भी पैसा लिया था लेकिन न्यायालय के आज निर्णय ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वैसे नीलामी के समय शर्त रखी गई थी कि अगर न्यायालय का फैसला खनन के पक्ष में आता है तो ही कार्य आरंभ होगा अन्यथा काम चालू नहीं होगा। खनन का कार्य बंद होने के कारण पहले ही सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यो पर लगभग रोक ही लगी हुई है। क्योंकि निर्माण सामग्री बाजार में है नहीं और जो थोडी बहुत है वह मनमाने मूल्यों पर दी जाती है जिस कारण आम आदमी अपना मकान तक नहंी बना  पा रहा। इसी के कारण ही सडकों, गलियो, नालियों व अन्य निर्माण कार्य भी ठप्प पडे है। गत दिनों समय पर गली एवं नालियों का निर्माण न करने पर नगर निगम द्वारा छह ठेकेदारो पर एक साल का प्रतिबंध भी लगा दिया है और कई ठेकेदारो पर प्रतिबंध की तैयारी है। न्यायालय के निर्णय पर स्टोन कै्रशर मालिको की भी नजर थी क्योंकि खनन का कार्य न होने पर स्टोन कै्रशर भी बंद पडे हैं जिस कारण कै्रशर मालिको पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। इस उद्योग धंधे से जुडे मजदूर भी बेरोजगार होकर रह गए हैं। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश से पत्थर हरियाणा में आना आरंभ हुआ था लेकिन बाद में हरियाणा में आने वाले रास्तो को बंद कर दिया गया जिस कारण अब उत्तर प्रदेश से भी पत्थर नहीं आ रहा है।
कोर्ट के निर्णय के अनुरूप पर्यावरण मंत्रालय से क्लीयरंस लिए बिना अब खनन कार्य नहीं किया जाएगा। खनन विभाग के पास खनन ठेको के रूप में जमा करवाई गई करोडो रूपये की राशि कब वापस होगी, ब्याज मिलेगा या नहीं अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। स्टोन कै्रशर मालिक एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि अदालत का निर्णय उनके पक्ष में होगा। वे कारोबार सुचारु रूप से कर सकेंगे लेकिन एेसा हुआ नहीं। ठेकेदार जहां थे दोबारा वहीं आ गए। क्रैशन उद्योग को कच्चा माल न मिलने के कारण कारोबार नहीं चल पाएगा। खनन पर प्रतिबंध के चलते हजारों लोगों के मुंह का निवाला छिन गया और निर्माण सामग्री भी कई गुणा महंगी हो चुकी है।
वहीं जिला खनन अधिकारी डा. माधवी गुप्ता ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार लघु खानों की नीलामी हुई थी और कोर्ट के आदेशों से रोक लगी है। ठेकेदारों द्वारा जमा करवाई गई रकम सरकार के आदेशानुसार ही वापस की जाएगी। रकम कब मिलेगी, ब्याज मिलेगा या नहीं, वे इस बारे अभी कुछ नहीं कह सकती।


बिजली सप्लाई न होने से खफ ा लोगों ने जड़ा पावर हाउस पर ताला
रादौर (कुलदीप सैनी)
बिजली निगम द्वारा पिछले दो दिनों से बकाना फीडर पर बिजली सप्लाई न करने से गुस्साएं किसानों ने  पावर हाऊस रादौर पर ताला जड़ दिया। किसानों ने बिजली सप्लाई न होने पर सरकार व प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। बाद में बिजली निगम रादौर के एसडीओं बलवान सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि बकाना फीडर पर प्रभावित हुई बिजली सप्लाई को पूरा कर दिया जाएगा। जिस पर किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।


गांव चमरोड़ी निवासी रामकुमार, वेदप्रकाश, विजय काम्बोज, रोशनलाल, सुशील कुमार, साधुराम, चंदाराम, कमल चमरोड़ी, अंग्रेज ङ्क्षसह पप्पु ने बताया कि पिछले दो दिनों से बकाना फीडऱ पर सुबह दस बजे से 6 बजे तक दी जाने वाली पावर सप्लाई मात्र कुछ घंटे के लिए उन्हें दी गई। जिससे उनकी फसलें सूख गई है। शिकायत करने के बावजूद उन्हें बिजली की सप्लाई पूरी नहीं दी गई। बिजली सप्लाई पूरी किए जाने की जब किसानों ने मांग की तो उन्हें सप्लाई देने से मना कर दिया गया। प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि बकाना फीडऱ पर छोटाबांस, रादौरी, चमरोड़ी व बकाना गांव पड़ते है। कम बिजली मिलने से हजारों किसानों को नुकसान हो रहा है। प्रभावित किसानों ने बताया कि बिजली निगम की ओर से उन्हें केवल कागजों में ही पूरी बिजली सप्लाई की जा रही है। जबकि हकीकत में उन्हें आठ घंटे के स्थान पर दो से तीन घंटे ही बिजली दी जा रही है।  जब किसानों ने पावर हाऊस में बिजली सप्लाई के कागजात देखे तो किसान दंग रह गये कि निगम के रिकॉर्ड में बकाना फीडऱ पर पिछले दो दिनों में सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक उन्हें लगातार बिजली सप्लाई किए जाना दर्शाया गया है। जिस पर किसान भडक़ उठे और उन्होंने निगम के अधिकारियों द्वारा बिजली सप्लाई को लेकर रिकॉर्ड में की जा रही हेराफेरी की शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष करने की घोषणा की । उन्होंने निगम के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें निर्धारित घंटे बिजली सप्लाई नहीं की गई तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगें। उधर एसडीओं बलवान ङ्क्षसह ने बताया कि बकाना फीडऱ की लाईनों पर तकनीकी खराबी के कारण बिजली सप्लाई नहीं हो पाई। किसानों को प्रभावित हुई बिजली सप्लाई पूरी करवा दी जाएगी।
फोटो 1,2- रादौर पावर हाऊस पर ताला जड़ प्रदर्शन करते ग्रामीण व ग्रामीणो को समझाते अधिकारी।


 कड़ी सुरक्षा के बीच ठेके पर दी 147 एकड़ विवादित भूमि
रादौर,(कुलदीप सैनी)
जठलाना पंचायत के बेचिराग गांव रामगढ़ में 147 एकड़ विवादित भूमि की लगभग चार वर्ष  बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ठेके पर दी गई। इस दौरान प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार राजबीर सुर्जेवाला, बीडीपीओं कंवरभान नरवाल, थाना जठलाना प्रभारी सूरजभान पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। जठलाना पंचायत की ओर से सरपंच रामगोपाल शर्मा व पंच सदस्य दिनभर भूमि को ठेके पर देने की प्रक्रिया में व्यस्त रहे। उधर विवादित भूमि को लेकर गांव बागवाली के लोगों की ओर से की गई कार्रवाई का कोई विरोध नहीं किया गया। जिस कारण कार्रवाई शांतिपूर्वक समाप्त हो गई।
सरपंच रामगोपाल शर्मा ने बताया कि 147 एकड़ भूमि की पहले निशानदेही करवाई गई। जिसके बाद 60 प्रतिशत पंचायती भूमि सामान्य वर्ग, 30 प्रतिशत एससी समुदाय व 10 प्रतिशत पिछड़े वर्ग के लोगों को दी गई। अब तक हुई बोली से पंचायत को लगभग पांच लाख रूपये मिले है। 2007 में अंतिम बार पिछली पंचायत द्वारा इस भूमि को ठेके पर दिया गया था। भूमि पर कुछ लोगों द्वारा विवाद किए जाने के बाद इस भूमि को ठेके पर नहीं दिया जा सका था। न्यायलय द्वारा जठलाना पंचायत के पक्ष में फैसला सुनाने के बाद भूमि को चार वर्ष बाद अब ठेके पर दिया जा सका है। पंचायत ठेके से मिली लाखों रूपये की रकम से गांव का विकास करवाएगी। उधर गांव बागवाली निवासी सुरेश कुमार व अन्य लोगों ने बताया कि जिस भूमि को पंचायत ने ठेके पर दिया है। वह बागवाली के लोगों की है। जिस पर उनका अधिकार है। प्रशासन ने उनके साथ जोर जबरदस्ती कर उनकी भूमि को उनसे छीन कर पंचायत को दिया है। प्रशासन की कार्रवाई अनुचित है।

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