यमुनानगर, (कुलदीप सैनी)
छत गिरने से एक ही परिवार के छह सदस्य नीचे दब गये, जिन्हें पड़ौस के रहने वाले लोगों ने बड़ी मशकत के साथ बाहर निकाला और स्थानीय सिविल अस्पताल के ट्रामा सैंटर में भर्ती करवाया जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार शिव नगर कालोनी निवासी बदरूदीन अपने परिवार के साथ रहता है। वह अपने परिवार के साथ खाना खाकर सो रहा था। देर रात अचानक मकान की छत गिर जाने पर बदरूदीन, उसकी पत्नी शबनम, बेटी नगमा (12), साईना (2), हाईमा (15) और आशिक (9) छत के नीचे दब गये। लोगों ने जब मकान की छत गिरने पर तेज धमाका सुना तो वह अपने घर से बाहर निकले और जब उन्होंने मकान के नीचे बदरूदीन के परिवार के सभी सदस्य को नीचे दबा देखा तो उन्होंने बड़ी फुर्ती के साथ दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। बच्चों की हालत को बिगड़ता देख परिवार के सभी लोगों को स्थानीय ट्रामा सैंटर में भर्ती करवाया गया। बताया जाता है कि हादसे का कारण गत दिनों हुई तेज वर्षा से कच्ची छत और कच्ची हो गई, जिस कारण यह छत देर रात नीचे जा गिरी, जिसमें सभी घर वाले दब गये। सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गये।
यमुनानगर, (कुलदीप सैनी)
जिला उपभोक्ता फोरम ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कार की राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित वापिस करने के आदेश दिये हैं। इसके अलावा शिकायतकत्र्ता को मुआवजा के तौर पर 50 हजार रूपये व अन्य खर्च के रूप में पांच हजार भी देने के निर्देश का बेचने वालो को दिया हैं। बताया जाता है कि डा.मिथलेष गर्ग ने अपनी बेटी डा. गुंजन को शादी में देने के लिए मै.खन्ना कार प्लाजा से हुंडई सैंट्रो एसएल कार 31 अगस्त 06 को तीन लाख 45 हजार 718 रूपये में खरीदी। डा. गुंजन ने उपभोक्ता फोरम को दी शिकायत में बताया कि वह चंडीगढ में होम्योपैथिक क्लीनिक चलाती है ओर कार को वह अकसर चंडीगढ ले जाती रहती है। कार में खराबी पाई गई और पता चला कि यह खराबी उत्पादन के समय से है। इसकी शिकायत डा. गुंजन ने खन्ना कार प्लाजा को की जिस पर डा. गुंजन को चंडीगढ से कार लाकर दिखाने को कहा गया लेकिन जब वह यहां पहुंची तो कोई हल नहीं निकला। 23 जुलाई को कार ठीक करने को लेकर खन्ना कार प्लाजा में रखवा ली गई और 24 जुलाई को यह कहकर वापिस दे दी गई कि वह अब ठीक हो गई है। इसके बाद दोबारा एक अगस्त को डा. गुंजन ने उक्त खराबी की शिकायत की लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कई बार टेलीफोन द्वारा भी कहा गया। मजबूरन डा. गुंजन ने 18 अगस्त 2008 को मै. खन्ना कार प्लाजा, मै. के.एल.जी. हुंडई चंडीगढ, हैड ऑफ डिपार्टमैंट नेशनल कन्जयूमर रिलेशन हुंडई मोटर दिल्ली व मै. हुंडई मोटर इंडिया लि. चेन्नई को लीगल नोटिस भेजा। नोटिस में कहा गया कि कार को ठीक करवाने को लेकर जहां उसका समय बर्बाद हुआ वहीं वित्तीय नुकसान एवं मानसिक रूप से परेशानी हुई। इसलिए उसे कार की कीमत वापिस की जाए और कानूनी खर्चा भी दिया जाए। इस संबंध में फोरम को दी शिकायत पर न्यायाधीश दीनानाथ अरोड़ा ने दोनो पक्षो की दलीलो को सुना और निर्देश दिए कि शिकायतकत्र्ता को तीन लाख 45 हजार 718 रूपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज के साथ शिकायत करने से लेकर मामलें के निर्णय तक एक माह में दी जाये। इसके अलावा मुआवजा के तौर पर 50 हजार रूपये व अन्य खर्चो के रूप में पांच हजार रूपये की राशि भी दी जाये।
बैठक आयोजित कर किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं पर विचार विमर्श
यमुनानगर,(कुलदीप सैनी)
जिला रैडक्रास समिति के कार्यालय में बाढ़ राहत कार्यों के संदर्भ में सचिव डी.आर. शर्मा की अध्यक्षता में जिला के कार्यकत्र्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बाढ़ के दौरान प्रभावी क्षेत्रों में आने वाली समस्याओं से निपटने हेतु विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में जिला भर के लगभग 130 कार्यकत्र्ताओं ने भाग लिया। समिति सचिव डीआर शर्मा ने बताया कि बाढ के मध्यनजर जिला यमुनानगर को 6 खंडों में बांटा गया है और आज उक्त खंडो में सहयोग देने वाले कार्यकत्र्ताओं को बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए विशेष टिप्स दिए गए ताकि उन्हें अपनाकर सभी कार्यकत्र्ता लोगों से संपर्क स्थापित करके उन्हें अपने विश्वास में लेकर समस्याओं का आसानी से समाधान कर सकें। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याएं मुख्य रूप में पानी में डूबना, पानी में बिजली का करंट आना, बिजली का करंट लगना, सदमा, बेहोशी आना, बुखार आना, सांप का काटना इत्यादि के बारे में प्राथमिक सहायता किस प्रकार से उस समय उपलब्ध करवाई जाए बारे जागरूक किया गया। रैडक्रास सचिव ने जिला के निवासियों से आग्रह किया कि वह सभी इस मुहिम से जुड़े ताकि किसी प्रकार की विपदा आने पर उससे निपटा जा सके। इस अवसर पर उमेश प्रताप वत्स, जय कुमार रोहिला, अवतार सिंह, हरदेव सिंह, नरेश कुमार, हवा सिंह, डा. बलेश कुमार, ब्रह्म सिंह, अमित कुमार, वेदप्रकाश आदि उपस्थित थे।
किसानों को फसल में बीज उपचार पर विशेष ध्यान देना चाहिए:डॉ.नरेंद्र गोयल
यमुनानगर,(कुलदीप सैनी)
चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र दामला द्वारा रादौरी में राष्ट्रीय परियोजना मौसम परिवर्तन का कृषि में बदलाव के तहत एकीकृत कीट प्रबन्धन विषय पर एक किसान गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर केन्द्र पौध संरक्षक वैज्ञानिक डा. रणवीर ने इस परियोजना में किसानों के लिए किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में बताते हुए गन्ना व धान में एकीकृत प्रबन्धन अपनाने, कीडें एवं बीमारियों के बारे में विस्तार से किसानों को जानकारी दी। उन्होंने हर फसल में बीज उपचार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कृषि विज्ञान केन्द्र के संयोजक एवं मृदा वैज्ञानिक डा. नरेन्द्र गोयल ने गोष्ठी में किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबन्धन अपनाने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि अन्धाधुध रसायानिक खाद यूरिया का प्रयोग धान व गन्ना फसलों में कीडे व बीमारियों की समस्या बढा रहा है। उन्होंने मिट्टी परीक्षण के आधार पर खादों के संतुलित प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिंक व पोटाश धान में जरूर प्रयोग करें। पोटाश फसलों में कीडे व बीमारियों के प्रति सहन शक्ति बढाता है व फसल की गुणवत्ता में सुधार लाता है। उन्होंने सल्फर की पूर्ति के लिए जिप्सम के दो बैग प्रति एकड डालने की किसानों को सलाह दी। इस अवसर पर वरिष्ठ गृह वैज्ञानिक श्रीमती प्रेम लता भी उपस्थित थी। उन्होंने गांव रादौरी में अनुसूचित महिलाओं में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा दी गई मशीनों का निरीक्षण किया व कहा कि इसकी मदद से वे अपनी आमदनी बढ़ाए।
किसान गोष्ठी में गांव रादौरी के लगभग 25 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। डा. गोयल ने इस दौरान किसानों को एसएमएस फोन सुविधा द्वारा वैज्ञानिक जानकारी का लाभ उठाने के लिए किसानों को परामर्श भी दिया।
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