Wednesday, July 6, 2011

बुढ़ापा पैंशन जांच टीम के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने जताया रोष


रादौर कुलदीप सैनी 
गांव गुमथला मे प्रशासन की ओर से बुढ़ापा पेंशन जांच करने वाली टीम के न पहुंचने से गुस्साएं वृद्धों व ग्रामीणों का गुस्सा भडक़ उठा। जांच टीम की अधिकारी सीडीपीओं सीमा प्रसाद व दो अन्य सदस्यों के गांव में बुढ़ापा पैंशन जांच करने न पहुचंने पर ग्रामीणों ने अधिकारियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने व जांच टीम को बदलने की मांग की। 
गांव गुमथला निवासी व ब्लॉक समिति चेयरमैन कमलेश रानी, मनोज कुमार, बुद्धराम, सोमप्रकाश, चिंतोदवी, अमरसिंह, चमनलाल बतरा, किशोरी लाल बत्तरा, ओमप्रकाश, बलकार सिंह, सोमनाथ, गंगादेवी, रेशमीदेवी, शीशासिंह, नूरजहां बेगम ने बताया कि प्रशासन की ओर से गांव में मुनादी करवाकर  बुढ़ापा पैंशन जांच होने बारे सूचित किया गया था। जिस पर गांव के लोग सुबह नौ बजे सरकारी स्कूल में पहुंचे। लेकिन कोई भी अधिकारी बुढ़ापा पैंशन जाचं करने गांव में नहीं पहुंचा। महिला चेयरमैन कमलेश रानी ने बताया कि गांव के 132 लोगों की पैंशन जांच होनी थी। जो दिनभर गर्मी में शाम तक स्कूल परिसर में बैठे रहे लेकिन कोई भी उनकी पैंशन जांच करने नहं आया । महिला चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने सीडीपीओं सीमा प्रसाद को इस बारे फोन करके मामले की जानकारी लेनी चाहिए लेकिन सीडीपीओं ने उनका फोन रिसीव नहीं किया। प्रभावित वृद्धों ने बताया कि उनकी पैंशन काट दी गई थी। जिसकी जांच के लिए वह जिला उपायुक्त से मिले थे। उपायुक्त के आदेशानुसार पांच जुलाई को उनकी पैंशन जांच होनी थी। लेकिन जिला उपायुक्त के आदेशों के बावजूद सीडीपीओं सीमा प्रसाद व दो अन्य जांच अधिकारी गांव में बुढ़ापा पैंशन जांच करने नहीं पहुंचें। अधिकारियों को डीसी के आदेशों की भी परवाह नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास उनकी आयु के प्रमाण पत्र है। जिसके आधार पर वह साबित कर सकते है कि वह बुढ़ापा पैंशन लेने के सही हकदार है। ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को निलंबित कर नई जांच टीम गांव में भेजने की मांग की है। 
यमुना पार से भी आए थे वृद्ध जांच के लिए-मुनादी के बाद मंगलवार को यमुनापार रहने वाले बहुत से वृद्ध भी पंाच से छ: किलोमीटर की दूरी तय कर गुमथला पहुंचे थे। यमुनापार से आए वृद्ध शीशा सिंह, नूरजहां बेगम, चिंतोदवी व लाजवंती ने बताया कि वह अपने कागजात लेकर 9 बजे गुमथला सरकारी स्कूल में पहुंच गए थे। लेकिन शाम तक भी उनके उनके जन्म संबधि कागजातों की जांच करने कोई नहीं पहुंचा। वह भूखे प्यासे स्कूल परिसर में बैठे रहे। 
गलत मुनादी के कारण वृद्धों को हुई परेशानी-इस बारे जांच टीम की सदस्य सीडीपीओं सीमा प्रसाद ने बताया कि जिला उपायुक्त  के माध्यम से समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें बीडीपीओं कार्यालय रादौर में बुढ़ापा जांच कार्य करने के लिए कहा गया था। गांव गुमथला में पंचायत की ओर से गलत मुनादी करवाकर ग्रामीणों को गुमराह किया गया है। जिसमें जांच टीम का कोई दोष नहीं है। 


ओपन किक्रेट प्रतियोगिता का खजूरी की टीम की जीत के साथ समापन
रादौर कुलदीप सैनी
 दामला पंचायत की ओर से गांव में आयोजित ओपन किक्रेट प्रतियोगिता का समापन हो गया। समापन अवसर पर खेले गए फाइनल मुकाबले में रादौर व गांव खजूरी की टीमें आपस में भिड़ी। कड़े मुकाबले में खजरी की टीम ने रादौर की टीम को मात्र सात रनों से हराया। फाइनल मुकाबले में खजूरी गांव की टीम के खिलाड़ी सतीश कुमार को 25 रन बनाने व चार विकेट लेने पर मैन ऑफ दि मैच चुना गया। जबकि सीरिज में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रादौर टीम के बल्लेबाज विशू बंचल को प्रतियोगिता के 167 रन बनाने पर मैन ऑफ दि सीरीज चुना गया। प्रतियोगिता का विजेता टीम को गांव दामला के सरपंच नरेश कुमार ने ट्रॉफी व 3100 रूपये नगद देकर सम्मानित किया। 
फाइनल मुकाबले में खजूरी की टीम ने निर्धारित दस ओवरों में सभी विकेट गवाते हुए 63 रन बनाए। जवाब में रादौर की टीम 56 रन ही बना सकी। इस प्रकार खजूरी की टीम सात रन से विजयी रही। गांव दामला के सरंपच नरेश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में क्षेत्र के 64 गांवों की टीमों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता बेहद सफल रही। सभी टीमों ने अपनी क्षमता अनुसार प्रदर्शन किया। पंचायत हर वर्ष इसी प्रकार क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन करवाकर ग्रामीण क्षेत्र के खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने का काम करेगी।

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