प्रवीण सैनी साढौरा
गाँव ढलौर के स्कुल मे टीचर न होने से गुस्साऐ ग्रामिणो ने स्कुल को ताला लगा दिया। गोरतलब है की इस स्कुल मे छुटियो से पहले 4 टीचर थे। लकिन छुटियो के बाद 2 टीचर ने बदली करवा ली। इन्होने यहां पर कार्य करने वाली मिड डे मिल की प्रधान पर आरोप लगाया है। की जो भी यहां पर नियुक्त होकर अध्यापक आता है। उस पर कौई न कौई आरोप लगाकर उसे यहां से हटवा दिया जाता है यही नही उसी द्वारा उनके बच्चो से स्कुल मे बर्तन साफ करवाऐ जाते है। तथा स्कुल मे खाना तथा कई और कामो के लिऐ भी बच्चो को भेजा जाता है। आज सरकार की तरफ से स्कुलो मे अनेक प्रकार की सविधाऐ दी गई है।जब की यह स्कुल अभी भी टीचरो के न होने से परेषानी का सबक बना हुआ है। अब सवाल यहा भी उठता है की अगर स्कुल मे टीचर ही नही होगे तो बच्चे स्कुल मे पढगे क्या।छुटियो से पहले जो यहां पर टीचर आये थे जिन्होने बाद मे बदली करवा ली जब संरपच ने छुटियो पडने से पहले एक टीचर से पुछा की हमारे बच्चो को पढाते क्यो नही तो उसने जवाब दिया ही मै तो डाईग का टीचर है पढा तो नही सकता हा फूल जरूर बना सकता है। असल मे जो ग्रामिणो ने बताया की यह स्कुल मिडल है और इसमे टीचर लगे हुऐ अब जो 2 टीचर स्कुल मे है वो प्राईमरी तक के है। जब उनसे पूछते है तो वो कहते की हम तो बडी कक्षा को नही पढा सकते। बच्चो के भविश्य के साथ किया जा रहा है खिलवाड।संरपच ने कहा की बच्चे आते है स्कुल मे पढने के लिऐ और टीचर न होने से यूही बैठ कर चले जाते है। बाद मे इस बारे मे बी ओ बिलासपुर से फोन पर बात की तो उन्होने कहा की यहां के लिऐ जल्दी ही कोई टीचर भेज दिया जायेगा।
No comments:
Post a Comment