Wednesday, July 13, 2011

करनाल प्रशासन को मिला नया रिकॉर्ड रूम,अक्तूबर में किया जायेगा रिकॉर्ड का स्थानांतरण

करनाल विजय काम्बोज   
पुरानी कचहरी के नाम से जाने जाने वाले तथा अंग्रेजों के जमाने से बने भवन में रखे करीब 65 साल पुराने न्यायिक व राजस्व रिकार्ड को अगले कुछ महीनों में नया घर मिलेगा। सरकार की ओर से इस रिकार्ड को एक महफूज स्थान पर रखे जाने के लिए स्थानीय सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय में 7 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से प्रशासनिक भवन ब्लाक -टू बनाया गया है। भवन निर्माण एजेन्सी शहरी विकास प्राधिकरण करनाल के अधिकारियों की मानें तो आगामी अक्तूबर में नये भवन में रिकार्ड को लाया जायेगा। रिकार्ड के लिए इस भवन के नीचे विशाल बेसमैंट बनाया गया है। 

        महाभारत के पराक्रमी योद्धा महाराजा कर्ण के नाम से विख्यात करनाल देश की आजादी से पहले भी एक जिला था। इस दौरान 6 अक्तूबर 1945 से 8 जनवरी 1947 तक आर.एल.बी.वी.भगवान करनाल के उपायुक्त रहे। इसके पश्चात 11 फरवरी 1947 से 5 अगस्त 1947 तक इ.जे.कोक्स इस जिला के डी.सी. थे। फिर 6 अगस्त 1947 को आर.एस.रोशन लाल ने करनाल के डी.सी.का कार्यभार सम्भाला और वे 21 जून 1948 तक करनाल के उपायुक्त रहे। उपायुक्त कार्यालय में मौजूद सम्मान पट के अनुसार तब से लेकर अब तक करनाल के डी.सीओं की लम्बी फहरिश्त में वर्तमान नीलम प्रदीप कासनी इस जिला की 52वीं उपायुक्त हैं। लेकिन उपायुक्त कार्यालय क ा सारा राजस्व रिकार्ड अब भी पुरानी कचहरी परिसर के  रिकार्ड रूम में ही व्यवस्थित है। हालांकि पिछले करीब 10 साल गुजरे सैक्टर 12 में नए लघु सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय व अन्य कार्यालय काम कर रहे हैं लेकिन उपायुक्त कार्यालय का रिकार्ड पुरानी जगह पर ही है। इस बात से इन्कार नही किया जा सकता कि पिछले दशकों में जनसंख्या वृद्वि और क्रमिक विकास के चलते उपायुक्त कार्यालय के रिकार्ड में काफी वृद्वि हो गई होगी। इसी के दृष्टिगत सरकार ने हरियाणा के इस पुराने जिले में रिकार्ड के लिए एक नए भवन के निर्माण की स्वीकृति दी जो अब लघु सचिवालय परिसर में लगभग बनकर तैयार हो गया है। यहां यह बताना भी उचित रहेगा कि पुराने रिकार्ड रूम में 1947 से लेकर 1987 तक करनाल जिले का न्यायिक रिकार्ड और 1945 से लेकर अब तक का राजस्व रिकार्ड रखा है और यह सारा का सारा अगले कुछ महीनों में नए भवन में स्थानान्तरित हो जाएगा।   

 
        उपायुक्त श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी के अनुसार नया भवन 1.24 एकड़ जमीन में बनाया गया है और इसका क वर्ड एरिया 7326 वर्ग मीटर है। इसमें बेसमेंट के अलावा  तीन तल हैं। बेसमेंट का एरिया 1370 वर्ग मी. है। बेसमेंट में राजस्व रिकार्ड रखने के लिए 90 रैक लगाए जायेंगे, जिसमें 1987 तक का न्यायिक रिकार्ड व अब तक का राजस्व रिकार्ड रखा जायेगा। इसके ग्राऊंड फ्लोर का एरिया 1504 वर्ग मीटर है। इस पर एक कम्प्यूटर कक्ष, 6 दुकानों का प्रावधान,  36 व 10 फुट लम्बाई चौडाई की कैंटीन के अलावा जनता के बैठने के लिए एक हाल बनाया गया है। इसके प्रथम तल का एरिया 1488 वर्ग मी. है। प्रथम तल में डी.ई.टी.सी. का कार्यालय होगा जबकि दूसरे तल का एरिया 1488 वर्ग मी. है इस तल में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चुनाव कार्यालय, जिला समाज कल्याण , सहकारी समितियों का कार्यालय, जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय तथा भू जल  के हाईड्रोलोजिस्ट का कार्यालय होगा। इसके अतिरिक्त तीसरे तल का एरिया 1476 वर्ग मी. होगा इस तल मे डी.टी.ओ., एस.पी. हरियाणा हाईवे पट्रोल एंड सेफ्टी कार्यालय, जिला सांख्ययिकी अधिकारी कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी, चकबंदी विभाग का कार्यालय, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला रोजगार कार्यालय के साथ साथ  इस तल पर दो अतिरिक्त कमरे भी होंगे। 


        इस भवन में जनता की सुविधा के लिए बेसमेंट से तीसरे तल तक जाने के लिए लिफ्ट लगाई गई है इसके अलावा सभी तलों पर सीढिय़ों के साथ-साथ रैम्प भी बनाए गए हैं। इस भवन के हर तल पर बैठने के लिए रिसेप्शन रूम भी बनाया गया है। लोगों की सुविधा के लिए इस भवन के हर तल पर सुविधाजनक शौचालय व पीने के पानी के लिए वाटर कूलर लगाने का प्रावधान है। इसके साथ-साथ ग्राऊंड फ्लोर पर विकलांगों के लिए शौचालय बनाया गया है। उपायुक्त श्रीमती नीलम पी.कासनी के अनुसार  इस भवन को सरकारी कार्यालयों तथा जनता की सेवा में 31 अक्तूबर 2011 तक समर्पित किये जाने की सम्भावना है। उन्होंने शहरी सम्पदा   अधिकारियों को इस भवन को उदघाटन के लिए शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

           

       

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