करनाल सुरेश अनेजा
उपायुक्त श्रीमती नीलम पी. कासनी ने लाडवा, पीपली व कुरूक्षेत्र की
ओर से आ रहे वर्षा के पानी से प्रभावित जिला के अंतिम छोर पर बसे नीलोखेडी
खंड के गांव समानाबाहु, बराना व रायपुर रोड़ान में देर सांय पहुंचकर
स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित इलाके के लोगों की शिकायतें सुनी।
उपायुक्त श्रीमती कासनी के निर्देश पर सिंचाई विभाग व सोमा कम्पनी के
अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ कच्ची ड्रेन बनाने का कार्य शुरू
कर दिया गया है। शीघ्र ही खेतों में खड़े पानी को सिरसा ब्रांच में डाल
दिया जायेगा।
इस मौके पर उपायुक्त श्रीमती कासनी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि
वे खेतों में खड़े पानी की निकासी जल्द से जल्द करवायें ताकि लोगों की
फसलों में होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने सिंचाई विभाग के
अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इस इलाके के खेतों में खड़े पानी को
पम्पसेट लगाकर सिरसा ब्रांच में डालने का समुचित प्रबंध करें और सोमा
कम्पनी के मालिक से राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ कच्ची ड्रेन पर बनाएं।
उन्होंने संबंधित तहसीलदार व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को भी निर्देश
दिये कि वे इस स्थिति पर कड़ी नजर रखे और संकट की इस घड़ी में प्रशासन को
अपना सहयोग दें।
गांव समानाबाहु के सरपंच कृष्ण लाल, बराना गांव की सरपंच महेन्द्रो
देवी के पति व रायपुर रोडान के सरपंच रामपाल सहित अन्य ग्रामीणों ने
उपायुक्त को अवगत कराया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के 6 मार्गी बनने से
राजमार्ग के साथ-साथ बनी कच्ची नालियां रूक गई है। इसके अलावा कुछ लोगों ने
अवैध कब्जें भी किए हुए जिसके कारण आज उनके सामने यह समस्या खड़ी हो गई
है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ कच्ची
डे्रन पुन: खुदवाएं और अवैध कब्जों को भी हटवायें ताकि वर्षा के पानी से
निजात पाई जा सके। उन्होंने बताया कि हर वर्ष मानसून के दौरान इस इलाके के
लोगों की फसल नष्ट हो जाने के कारण भारी नुकसान होता है।
इस दौरे के दौरान करनाल के उपमंडलाधीश मुकुल कुमार, जिला विकास एवं
पंचायत अधिकारी सी.एस.दलाल, नीलोखेड़ी के तहसीलदार सतीश यादव, खंड विकास
एवं पंचायत अधिकारी कुलजीत सिंह दहिया व अन्य विभागों के अधिकारीगण
उपायुक्त के साथ थे।


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