Friday, July 8, 2011

स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों की बदौलत देश को आजादी मिली




करनाल 8 जुलाई,सुरेश अनेजा
    स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों को सुविधाएं मुहैया करवाने वाला हरियाणा देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार ने हाल ही में स्वतंत्रता सेनानी व आई.एन.ए. के सदस्यों की लड़कियों व बहनों की शादी के लिए दी जाने वाली  वित्तीय सहायता राशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपये से 21 हजार रुपये किया है। 
ये जानकारी हरियाणा महिला कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष व करनाल की विधायक  सुमिता सिंह   ने आज अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति की ओर से स्थानीय रेलवे रोड़ पर स्थित शाद कमर्शिलयल काम्पलैक्स में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी। इस मौके पर विधायक ने शहीद एवं स्वतंत्रता सेनानी सम्मान संग्रहालय में महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय चौधरी रणबीर हुडडा के चित्र का लोकार्पण किया तथा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। उन्होंने कहा कि श्री रणबीर हुडडा एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और शहीदों की प्रतिमाओं की रक्षा व सम्मान के लिए लोगों में चेतना पैदा करने का कार्य किया। वे आजादी के बाद देश के संविधान निर्माण के लिए गठित कमेटी के सदस्यों में से एक थे। 


हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानी चौधरी रणबीर सिंह हुडडा के चित्र का अनावरण करते हुए। विधायक


अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के सदस्य विधायक  सुमिता सिंह को सम्मानित  करते हुए
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों की बदौलत देश को आजादी मिली और भारत स्वतंत्र हुआ। शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। इसी को मददेनजर रखते हुए राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों व स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है, बल्कि प्रदेश में उनके कल्याण के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी तथा उनकी विधवाओं को दिया जाने वाला सम्मान भत्ता 1525 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इतना ही नहीं सभी सरकारी अस्पतालों तथा पी.जी.आई. चंडीगढ़ व देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में अपना तथा अपनी पत्नि का उपचार इंडोर पेशेन्ट के रूप में करवाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को उनके खर्च की प्रतिपूर्ति सरकारी कर्मचारियों की तरह ही की जाती है। उन्होंने बताया कि युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं व शत-प्रतिशत विकलांग भूतपूर्व सैनिकों के मकान के निर्माण व मरम्मत के लिए दी जाने वाली राशि 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार रुपये की है। विधायक ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानियों तथा उनकी विधवाओं को हरियाणा राज्य परिवहन की साधारण एवं डीलक्स बसों में एक सहायक सहित नि:शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई है। सी.एस.डी. कैंटीन द्वारा बेची जाने वाली वस्तुओं पर छूट प्रदान की है। उन्होंने बताया कि विभिन्न शौर्य चक्र विजेताओं जिनमें परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र तथा सेना मैडल प्राप्त सैनिकों को दी जा रही वार्षिक दरों को बढ़ाकर 4 गुणा किया है। श्रीमती सिंह ने अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति की ओर से देश के वीर शहीदों की स्मृति को संजोए रखने के लिए  एक संग्रहालय हेतु स्थान उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मांग को मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा तक पहुंचाया जायेगा।
इस अवसर पर अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र अरोड़ा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा संस्था की ओर से संग्रहालय के लिए जगह की मांग रखी। समिति द्वारा शाद कमर्शियल काम्पलैक्स में स्थित एक हाल में बनाए गए संग्रहालय में शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी से संबंधी लगभग 400 पुस्तकें तथा 150 दुर्लभ चित्र भी संजोकर रखे गए हैं।  समिति के महासचिव महेश शर्मा ने बताया कि समिति का उददेश्य स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों की प्रतिमाओं का रख-रखाव करना व उन्हें सुरक्षा प्रदान करना है ताकि देश की युवा पीढ़ी को देश भक्ति की प्रेरणा मिलती रहे। कार्यक्रम में प्रोफेसर कृष्ण अरोड़ा ने आए हुए अतिथिगणों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सरदार त्रिलोचन सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी रणबीर हुडडा की जीवनी पर प्रकाश डाला। 
इस अवसर पर प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के पदाधिकारियों में सुरेन्द्र गुप्ता, सरबजीत, विजय, हरीश मदान, जे.आर. कालड़ा, बलजीत साल्याण, हवलदार महावीर मान, मंजू चौहान, अमिता, निर्मल फुले सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

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