Monday, July 4, 2011

लिंग जांच एवं कन्याभ्रूण हत्या में संलिप्त अल्ट्रासाऊंड केन्द्रों के विरूद्ध सख्त कदम उठाए जायें:के.एम.पांडुरंग


करनाल विजय काम्बोज
अतिरिक्त उपायुक्त के. एम. पांडुरंग ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि कन्याभ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए वे पी.एन.डी.टी. एक्ट को दृढ़ता से लागू करवाये तथा उन अल्ट्रासाऊंड केन्द्रों के विरूद्ध सख्त कदम उठाएं जो लिंग जांच एवं कन्याभ्रूण हत्या में संलिप्त पाए जाते हैं। 
श्री पांडुरंग आज स्थानीय पंचायत भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस बैठक में उन गांवों से संबंधी लगभग 160 ए.एन.एम., आंगनवाड़ी वर्कर व आशा वर्कर उपस्थित थी, जिन गांवों में लड़कियों की संख्या कम है। उन्होंने विशेषकर ए.एन.एम., आंगनवाड़ी वर्कर तथा आशा वर्कर को स्पष्ट निर्देश दिये कि जिन गांवों में लड़कियों की संख्या कम पाई गई है वे इस बारे में अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करें तथा कन्याभ्रूण की जांच करवाने वालो की सूचना प्रशासन को तुरंत दें ताकि उनके विरूद्ध पी.एन.डी.टी. एक्ट के अनुसार कार्यवाही की जा सके। उन्होंने ए.एन.एम., आंगनवाड़ी वर्कर तथा आशा वर्कर को यह भी कहा कि जिन गांवों में लिंगानुपात में कमी पाई जायेगी उनके लिए उस गांव की संबंधित ए.एन.एम., आंगनवाड़ी वर्कर तथा आशा वर्कर जिम्मेदार होंगी तथा इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगी। 
बैठक में सिविल सर्जन डाक्टर वंदना भाटिया ने अतिरिक्त उपायुक्त को आश्वस्त करते हुए बताया कि ऐसे अल्ट्रासाऊंड केन्द्रों के विरूद्ध पी.एन.डी.टी. एक्ट के अन्तर्गत सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि कोई भी उन्हें गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच या कन्याभ्रूण हत्या बारे सूचना देता है और वह सूचना सही पाई गई तो उसे 20 हजार रुपये का ईनाम दिया जायेगा।
इस अवसर पर उप-सिविल सर्जन डाक्टर अनिता अग्रवाल ने बोलते हुए उन गांवों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जिन गांवों में लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है। 

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