करनाल विजय काम्बोज
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों को बहेतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए एंबुलैंस गाडी की सेवा शुरू की गई हैं। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए फोन नंबर 102 पर काल करना होता है। काल करने के मात्र 5 से 10 मिनट में एबुलैंस गाडी हर जरूरतमंद मरीज के घर पर पहुंच जाती हैं। करनाल जिला में इस योजना के तहत अब तक 24 हजार 504 व्यक्ति लाभ उठा चुके हैं। इस प्रकार यह योजना गरीब लोगों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है।
दुर्घटनाग्रत व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों को मुसीबत के समय में साधन की कमी के कारण अस्पताल तक लाने में देर लग जाती है और कई बार तो जरूरतमंद रास्ते में ही दम तोड़ देते हंै। इस समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण सेवा मिशन के तहत सामान्य हस्पताल करनाल के अतिरिक्त प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर एक से अधिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक एम्बुलैंस तैनात की गई है। इन एम्बुलैंसों को सेवाएं प्राप्त करने के लिये सिविल अस्पताल करनाल में कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसका दूरभाष नंबर 102 है। कोई भी जरूरत मंद व्यक्ति किसी भी समय 102 नबर पर टेलीफोन करके एम्बुलैंस गाडी का लाभ ले सकता है। एम्बुलैंस के लिये बी.पी.एल परिवारों, झोपड़-पट्टी में रहने वाले व्यक्तियों व किसी भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। परंतु सामान्य श्रेणी के परिवारों के लिये 7 रूपये नाम मात्र प्रति किलोमीटर एबुलैंस खर्च लिया जा रहा है।
एक भेंटवार्ता में एम्बुलैंस सेवा के बारे में कुडक़ जागीर गांव की महिला पंच दर्शना ने बताया कि सरकार की यह योजना बहुत ही अच्छी है। इस योजना से उन गरीब परिवारों को भी लाभ हो रहा है जिन्हे ईलाज के लिए शहरों में जाना पड़ता है। परन्तु कई बार पैसे की कमी के कारण वे प्राईवेट वाहन नहीे ले सकते जिन्हें अपने उपचार के लिए शहर में जाने में काफी दिक्कत होती थी। परन्तु सरकार की इस योजना मे इन गरीब परिवारों के लिए एम्बुलैंस की सुविधा मुफ्त की गई है। उन्होंने बताया कि यह समस्या अधिकतर गर्भवती महिलाओं के सामने आती थी। इस योजना के बाद अब ऐसी समस्या नही है। इसी प्रकार रम्बा गांव के आनंद ने बताया कि सरकार की एम्बुलैंस सेवा एक महत्वपूर्ण योजना है। एक बार उन्हें रम्बा मोड पर सडक दुर्घटना को देखा तो तुरन्त उन्होंने 102 नम्बर पर फोन किया और कुछ ही समय में दुर्घटना स्थान पर एम्बुलैंस पहुंच गई। जिससे दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सामान्य हस्पताल करनाल तक पहुंचने की सुविधा प्राप्त हुई। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के परिवारजनों ने सरकार की इस योजना की काफी प्रशंसा की। इसी प्रकार गांव जटपुरा में कार्यरत आशा वर्कर पिंकी रानी ने बताया कि गांव की एक महिला संतोष पत्नि रामफल को जब प्रसव पीड़ा हुई तो उन्होंने 102 नम्बर पर एम्बुलेंस सेवा के लिए फोन किया। फोन के कुछ ही समय उपरांत एम्बुलेंस सेवा गांव में पहुंच गई और महिला को सामान्य अस्पताल में डिलीवरी के लिये लाया गया। डिलीवरी ठीक-ठाक होने के उपरांत महिला के परिजनों के चेहरे खिले हुए थे। परिजनों ने बताया कि सरकार की स्वास्थ्य वाहन सेवा योजना लोगो के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। जिसका लाभ दूर दराज व ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमन्द लोग उठा कर राहत महसूस कर रहे है।
उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी का एंबुलैंस सेवा के विषय में कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिला व गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बीमार व्यक्तियों के लिये यह एक कारगर योजना साबित हुई है क्योंकि जरूरत के समय में बीमार व्यक्ति तुरंत एंबुलैसं गाडी का लाभ लेकर अस्पताल पहुंच जाता है जिससे उस व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिल सकती है और गरीब व्यक्ति को स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि करनाल जिला के सामान्य अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 16 एंबुलैंस 24 घंटें यह सेवा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने लोगों का आहवान किया कि वे 102 नम्बर पर डॉयल करके स्वास्थ्य विभाग की इस सेवा का लाभ उठायें।
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