इन्द्री सुरेश अनेजा
एक तरफ तो सरकार द्वारा कन्याभ्रूण हत्या रोकने व महिलाओं के आगे बढऩे के लिए अनेकों तरह के कानून बनाए गए हैं। लेकिन वहीं इंद्री में कई दिनों से अपने बच्चे के साथ सडक़ों पर एक महिला भटकती फिर रही है। महिला व उसके बच्चे की कोई मदद नहीं कर रहा है। इंद्री क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से भटक रही एक गूंगी महिला व उसके बच्चे को मदद की दरकार है। यह महिला बार बार रो पडती है लेकिन अपने घर परिवार के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ है। महिला ने बुर्का पहना हुआ है जिससे उसके मुस्लिम धर्म से सम्बधित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। महिला पहले तो इंद्री बस स्टैंड के आस पास रोती हुई घुमती रही । शाम के समय किसी तरह वह गांव ब्याना में पहुंच गई । रात क ो एक मुस्लिम परिवार ने महिला व उसके बच्चे को आश्रय दिया।
सोमवार शाम को एक तीस वर्षीय महिला व उसका दस वर्ष का लडका इंद्री बस स्टैंड के बाहर रोते हुए घुम रहे थे। महिला की हालत देखकर बडी सख्यां में लोग महिला के आस पास इकट्ठे हो गए । लोगो ने महिला से उसके परिवार के बारे में जानने की कोशिश की । लेकिन महिला गूंगी होने के कारण कुछ पता नही चल सका। लोगो की भाषा को भी वह नही समझ सकी । बच्चे द्वारा बोली गई भाषा किसी को समझ नही आई । इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा कि महिला किसी दुसरे प्रदेश की रहने वाली हो सकती है। महिला को रात को आश्रय व भोजन एक परिवार से मिल गया लेकिन मंगलवार को महिला फि र से सडक पर आ गई । उसके बाद बुधवार को भी वे इंद्री क्षेत्र में ही सडक़ों पर भटकते देखे गए। ब्याना गांव के समाजसेवी विपिन कुमार,जोगिन्द्र सिंह,राजकुमार,राकेश,पवन,अलिशाान का कहना है कि उन्होने ब्याना चौंकी में संर्पक किया था लेकिन वहा से महिला को कोई मदद नही मिल सकी । महिला की सुरक्षा एक बडा सवाल है इसलिए प्रशासन को तुंरत महिला व उसके बच्चे की सहायता करनी चाहिए।
जब इस बारे में ब्याना चौंकी में संपर्क किया गया तो मुुंशी सतबीर सिंह ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है वे छुट्टी पर गए हुए थे। आप चौंकी इंचार्ज से पता करें। चौंकी इंचार्ज सुरेंद्र राणा से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे आऊट ऑफ स्टेशन हैं। उन्होंने ब्याना चौंकी में संपर्क करने की बात कही।

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