यमुनानगर, 14जून (कुलदीप सैनी)-
प्रत्येक वर्ष की भान्ति इस वर्ष भी राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन विभाग हरियाणा द्वारा जिला यमुनानगर में 5 दिवसीय राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पहले यह शिविर ओ.पी. जिंदल सिटी सैंटर पार्क के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर के बहते पानी में आयोजित किया जाता था परन्तु इस वर्ष यह शिविर हथनीकुंड बैराज के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर की नई लिक चैंनल में लगाया गया है। जिसका विधिवत उदघाटन अम्बाला मंडल के आयुक्त अनिल कुमार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने जिला यमुनानगर के बाढ़ नियंत्रण आदेश 2011 का भी विमोचन किया तथा प्रशिक्षणार्थियों ने उन्हें चप्पूओं से सलामी दी व किश्ती में प्रशिक्षाणॢथयों के साथ बैठकर दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्य का अवलोकन किया।
यमुना नदी के बहते पानी में आयोजित यह राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर 17 जून 2011 तक चलेगा जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों के 28 प्रशिक्षणार्थी व 8 प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर अम्बाला मण्डल के आयुक्त अनिल कुमार ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय किसी व्यक्ति द्वारा आपदाग्रस्त व्यक्तियों के जीवन को बचाने के लिये तत्काल सहायता पहुंचाना ही सच्चा मानवीय धर्म है। उन्होंने कहा कि जब भी बाढ़ जैसी आपदा आती है तो लोगों को राहत पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है कि लोगों को तत्काल राहत पहुंचे व बाढ़ से कम से कम नुकसान हो और यह जिम्मेवारी जिला प्रशासन की बनती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रशिक्षक लोगों की सहायता से ही यह कार्य करता है। जब बाढ़ आती है तो बाढ़ का पानी तेजी से चलता है और बहुत से क्षेत्र व गांवों का सम्पर्क टूट जाता है और सडक़ के रास्ते गांवों एवं बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचना मुस्किल हो जाता है।
अम्बाला मंडल के आयुक्त अनिल कुमार ने बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे प्रशिक्षाणर्थियों से अपील की कि वे हर प्रकार का प्रशिक्षण लेकर यहां से जाएं और पूरा प्रशिक्षण पूरे संयम से लें और अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखें और जो कुछ इस प्रशिक्षण शिविर में सीख का जाएं उसे अपने जिला के लोगों को भी सिखाएं ताकि वहां की जनता को बाढ़़ जैसी आपदा के समय किसी प्रकार की कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। इसके उपरांत उन्होंने गांव कलेसर के नजदीक व ताजेवाला के नजदीक लाल टोपी घाट पर यमुना नदी के किनारें बनाए जा रहे पत्थरों के बाघों के कार्यों का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में जहां-जहां भी बाढ़ बचाओं के लिए नदियों के तटों को मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है उसे शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण किया जाए।
जिला उपायुक्त अशोक सांगवान ने राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर में मुख्य अतिथि, गणमान्य व्यक्तियों व प्रशिक्षाणाॢथयों का स्वागत करते हुए कहा कि बाढ़ राहत कार्यों को करते समय मानसिक संतुलन बनाएं रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ नियंत्रण आदेश को अपडेट किया गया है और इसमें हर प्रकार की जानकारी दी गई है और इसे पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिला यमुनानगर के लोगों ने भंयकर बाढ़ से सबक लिया है। अत: समय-समय पर बाढ़ नियंत्रण आदेश को अपडेट किया जाएगा और इसे इंटरनेट पर भी डाला जाएगा ताकि हर व्यक्ति जानकारी लेकर इसका अध्ययन कर अपना सुझाव दे सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ नियंत्रण आदेश-2011 पर जो व्यक्ति सुझाव देंगे उसे पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सूचना तंत्र काम न करे तो राहत कार्यों में देरी होती है। अत: सूचना तंत्र को मजबूत बनाया जाएगा ताकि बाढ़ बचाओं कार्यों को आसानी से किया जा सके। उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले में इस समय 14 किस्तीया, 4 ओबीएम इंजन जिनमें से 2 ओबीएम इंजन इसी वर्ष मंगवाए गए हैं, 40 लाईफ जाकेट, 35 चप्पू व अन्य उपकरण है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन विभाग से 5 इनफेलेटेबल किस्तीया जिनमें हवा भरी जाती है, 85 लाईफ जैकेटों, 16 चप्पूओं व 2 टावर लाईटों की मांग की गई है।
प्रशिक्षण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन विभाग हरियाणा के अण्डर सैके्रटरी महेश स्वामी ने कहा कि इस शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को यमुना नदी के बहते पानी में मोटर बोट चलाने व चप्पू से किस्ती चलाने का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 17 अप्रैल से 25 अप्रैल 2011 तक कुरूक्षेत्र के ब्रहम सरोवर के खडे पानी में बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें 110 प्रशिक्षणाथर््िायों को खड़े पानी में बाढ बचाव के कार्य का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में बाढ़ बचाव कार्य के लिये 232 किस्तीयां हैं, 50 नई फाईबर ग्लास किस्तीयां खरीदने के लिए आदेश दिए गए हैं, 103 ओबीएम इंजन जिनमें से 30 इसी वर्ष खरीदे गए हैं, 1800 चप्पू जिनमें से 500 इसी वर्ष खरीदे गए हैं, 1800 लाईफ जैकेटे जिनमें से 500 इसी वर्ष खरीदी गई हैं, 1200 कुंडे जिनमें 250 इसी वर्ष खरीदे गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त गीता भारती ने सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं बाढ़ राहत प्रशिक्षाणाॢथयों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर जगाधरी के उपमंडलाधीश देवेन्द्र कौशिक, बिलासपुर के उपमंडलाधीश अश्वनी मैंगी, जिला राजस्व अधिकारी आर.के. सिंह, जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी हजारी लाल वर्मा सहित राजस्व विभाग व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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