Saturday, July 9, 2011

धान रोपाई मशीन के बारे में किसानों ने ली जानकारी।


घरौंडा:- 9 जुलाई(प्रवीन सोनी)
कृषि विभाग की ओर से गांव मुनक में धान की मशीन से रोपाई के प्रदर्शन के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम एक किसान के खेत के प्लाट पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गगसीना, बल्ला, खेड़ी मुनक आदि गांव के एक सौ साठ किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विशनुटेक एगी मशीनरी के तकनीकी सलाहकार के. सुब्रहमन्यम ने की। 
उन्होंने धान रोपाई मशीन के  बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चीन, जापान, फिलीपाइन, थाईलैंड आदि देशों में मशीनों से धान की रोपाई की जाती है। मशीन से की गई रोपाई में लाईन की लाईन से व पौधे की पौधे से दूरी एक समान होती है। पौधे एक समान गहराई में लग जाते है। पौधो को सूर्य का प्रकाश व हवा का सही संचार मिलता है। जिस वजह से धान की फसल धान की फसल में कीड़ों व बीमारियों का प्रकोप भी कम पड़ता है। तथा पौधो की संख्या मजदूरों के पौधो से तीस से चालीस प्रतिशत ज्यादा होती है। जिस कारण मशीन से की गई रोपाई से धान की फसल की पैदावार भी अधिक होती है। 
घरौंडा के गांव मुनक में किसानों को धान रोपाई मशीन के विषय में किसानों को जानकारी देते कृषि अधिकारी 
जिला उप कृषि निदेशक डा. देवेद्र मलिक ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए किसान भाईयों को जल संरक्षण व दलन उत्पादन करने की सलाह दी। उन्होने बताया कि जल संरक्षण के लिए सभी खंडो में धान की विधि बिजाई के प्रदर्शन प्लाट लगाए गये है। उन्होंने किसानों को धान रोपाई मशीन का प्रशिक्षण दिलाने का भी आश्वासन दिया। 
जिला उपमंडल अधिकारी डा. वजीर सिंह ने किसानों को कृषि विभाग की ओर  से जारी स्कीमों की जानकारी देते हुए बताया कि दलन उत्पादन के लिए मूंग व हरी खाद के लिए डांचे का बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराया गया। धान की सीधी बिजाई पर भी किसानों को 2500 रूपया प्रति एकड़ के हिसाब से इनपूट दिया जा रहा है। अब किसानों को जिप्सम अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाएगा। 

           खेत में मशीन की कार्यप्रणाली देखते किसान। 
                                  छाया-तेजबीर

डा. राजेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि व कृषि अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत मुनक किसानों को कृषि की आधुनिक जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए समय समय पर कार्यक्रम आयोजित करवाती रहती है। जिसका किसानों को भरपूर लाभ हो रहा है। वर्ष 2001 में किसानों ने बड़ी संख्या में गेहूं की फसल में जिप्सम का प्रयोग किया जिसकी वजह से गेहूं की पैदावार बहुत अधिक हुई।
सिडिकेट बैंक के कृषि अधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि किसानों द्वारा जिस कार्य के लिए कृषि लोन लिया जाता है उन्हे वह उसी कार्य पर खर्च करना चाहिए। इस अवसर पर किशोर कुमार, डा. अनिल चौहान, डा. भोपाल सिंह, पूर्व पंच कुलदीप सिंह पंच गुलाब सिंह, जगदीश राम, कृष्ण कुमार, गिरदारी लाल सहित सैंकड़ो किसान उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment