इन्द्री ,सुरेश अनेजा
छापर और जैनपुर गाव के बीच नहर की पटरी पर मनरेगा स्कीम के तहत काम कर रहे सैकड़ों मजदूरों का गुस्सा मजदूरी नहीं मिलने पर फूट पड़ा। मजदूरों ने इंद्री में बस अड्डे के नजदीक करनाल-लाडवा मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी की। उन्होंने सिंचाई विभाग के जेई पर निरीक्षण के नाम पर रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाते हुए रोष जाहिर किया। पंचायत अधिकारी मान सिंह के समझाने के बाद मनरेगा के मजदूर शांत हुए और जाम खोल दिया। सोमवार को मनरेगा स्कीम में लगे महिलाओं और पुरुषों ने इद्री में पहुंचकर पश्चिमी यमुना नहर के नए पुल पर जाम लगा दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मामला उस समय गरमा गया, जब पुलिस कर्मचारी नरेश ने प्रदर्शनकारियों पर रौब झाड़ना चाहा। मौके पर एसएचओ व पंचायत अफसर मान संह ने स्थिति को संभाला। मनरेगा मजदूर राजकुमार, जोगिंद्र, राजिंद्र, शकीना, अनिल, रामकरण, सुखबीर, गोपाल, पाला राम, सतबीर, फिरोज, नरेश, गेजो, सुरेशो व जिंदो ने बताया कि वह नरेगा स्कीम के तहत छापर गाव के पास नहर की पटरी पर काम कर रहे है। लेकिन करीब दो महीने से उनको मजदूरी नहीं मिल रही है। जानबूझकर सिंचाई विभाग के जेई उनकी मजदूरी के बीच में आ रहे है। उनका आरोप है कि जेई ओपी गर्ग उनके काम का निरीक्षण करने के लिए रिश्वत की माग करता है। मजदूरी नहीं मिलने से उनके बच्चे भूखे मरने के कगार पर है।
प्रदर्शनकारियों के बीच जेई ओपी गर्ग ने कहा कि काम की पैमाईश करने में थोड़ी देरी की वजह से यह दिक्कत आई है। मजदूरों की समस्या शीघ्र दूर की जाएगी और भविष्य में मनरेगा की मजदूर को समस्या नहीं आने दी जाएगी। पंचायत अधिकारी मान सिंह ने कहा कि मजदूरों को जल्द ही उनकी मजदूरी के पैसे दे दिए जाएंगे।


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