Thursday, July 14, 2011

एक हजार एकड़ फसल हुई जलमग्न

करनाल विजय काम्बोज
नीलोखेड़ी,में बरसाती ड्रेन जाम होने से कुरुक्षेत्र की सीमा से लगते तीन गांवों की करीब एक हजार एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। रायपुर, बराना व समाना बाहु गांव की गलियों में पानी घुस गया है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र पानी निकासी के प्रबंध नहीं किए गए तो उनकी धान की फसल बर्बाद हो जाएगी। लाडवा से पानी निकासी के लिए निकली ड्रेन का पानी कुरुक्षेत्र के उमरी गांव से होते हुए समाना बाहु, बराना व रायपुर में घुस गया। नीलोखेड़ी के पास जीटी रोड सिक्स लेन निर्माण कार्य के चलते यह ड्रेन रायपुर व टोल टैक्स के बीच बंद पड़ी है। बराना गांव में 300, समाना में 400 व रायपुर रोड़ान में करीब 150 एकड़ फसल जलमग्न हो गई।बराना गाव की सरपंच महिंद्रो देवी, ग्रामीण निवासी बाबू राम, शेर सिंह, प्रवीण, जोगिंद्र, सूरजभान, महिंद्र सिंह व राजेंद्र ने कहा कि बुधवार सुबह जब उन्होंने देखा तो खेत पानी से लबालब थे। सरपंच महिंद्रो देवी ने कहा कि किसानों ने दो बार धान की रोपाई की है। पहली बार बारिश का पानी आने से धान की फसल खराब हो गई थी। अब फिर ड्रेन के पानी ने फसलों को डुबो दिया है। यदि प्रशासन ने जल्द पानी निकासी के प्रबंध नहीं किए तो फसल खराब हो जाएगी और फिर रोपाई नहीं हो पाएगी। तीनों गांवों की गलियों में पानी घुस जाने से हालत खराब है। समाना बाहु के सरपंच कृष्ण लाल का कहना है कि तीन गावों के साथ लगती ड्रेन को यदि मनक माजरा गांव के समीप सिरसा नहर में डाल दिया जाए तो यह दिक्कत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। तहसीलदार सतीष यादव ने गावों में पहुंचकर पानी की स्थिति का जायजा लिया।

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