Tuesday, July 5, 2011

गुरू हरगोबिंद साहिबजी का प्रकाशोत्सव बड़ी श्रद्धा से मनाया गया


इन्द्री विजय काम्बोज
सिख धर्म के छठे गुरू हरगोबिंद साहब जी का प्रकाशोत्सव इन्द्री गुरूद्वारा साहिब में बड़ी श्रद्धा से मनाया गया। इस अवसर पर गुरू की महिमा पर प्रकाश डाला गया। आज सुबह सोमवार से रखे गये श्रीअखंड पाठ साहिब जी का भोग डाला गया। इसके बाद भाई गुरमुख सिंह जी ने कथा कीर्तन किया। उन्होंने कथा में विस्तारपूर्वक गुरूहरगोबिंद साहिब जी के जन्म का वृतांत सुनाया। उन्होंने कहा कि सिख धर्म मूर्ति पूजा के खिलाफ  है। सिख धर्म में गुरू की बाणी ही सर्वोच्च है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीहरिमंदिर साहिब के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आज लोग इस धर्मस्थान को हरिमंदिर साहिब की बजाय गोल्डन टैम्पल कहने लग गये हैं जोकि गलत है। गोल्डन टैम्पल अंग्रेजों का दिया हुआ नाम है। हमें अपने इस पवित्र धर्म स्थान को सही नाम श्रीहरिमंदिर साहिब के नाम से ही पुकारना चाहिये। कथा कीर्तन के बाद गुरूद्वारा साहिब में गुरू का लंगर वितरित किया गया जिसमें परंपरा के अनुसार मिस्सी रोटी,कच्चा प्याज एवं लस्सी श्रद्धालुओं को बरताई गई। इस अवसर पर सैंकड़ों की संख्या में पुरूषों,महिलाओं एवं बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया।

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